रात ने चादर समेट ली है


रात ने चादर समेट ली है

रात ने चादर समेट ली है;
सूरज ने किरणे बिखेर दी है;
चलो उठो और शुक्रिया करो अपने भगवान का;
जिसने हमें ये प्यारी सी सुबह दी है।